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ध्यान कैसे करें | how to meditate in Hindi

ध्यान कैसे करें |

ध्यान कैसे करें – how to meditate in Hindi

आज के इस डिजिटल युग में तनाव और चिंता से उबरने के लिए सबसे बेहतरीन उपाय होता है ध्यान करना । ध्यान क्या होता है ध्यान को कैसे करना ( how to meditate in Hindi ) चाहिए ध्यान करने के क्या  फायदे हैं ध्यान को कितनी देर करना चाहिए यह सारी जानकारी आज की इस Post में हम जानने वाले हैं इस post में आपको पूरी जानकारी दी जाएगी कि किस प्रकार आपको ध्यान करना चाहिए और ध्यान करने के सही तरीके हैं तो आइए जानते हैं |

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ध्यान क्या है (what is meditation in Hindi)

इससे पहले जान लेते हैं कि ध्यान क्या होता है किसी के लिए ध्यान की परिभाषा अलग हो सकती है लेकिन यहां बताई जा रही है वह सरल और आसान भाषा मैं समझने लायक परिभाषा है |

” अपने मन को वर्तमान स्थिति में स्थिर करने वाली प्रक्रिया को ध्यान कहते हैं “

अर्थात् – ” मन को शांत, स्थिर, एकाग्रतायुक्त, तनावरहित रखने की प्रक्रिया को ध्यान कहते हैं “

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ध्यान कितने प्रकार के होते हैं |

बहुत से विद्वानों तथा बुद्धिजीवियों ने ध्यान को अपने अनुसार कई रूपों में विभाजित किया है यह कुछ ध्यान के प्रकार है –

  1. निर्देशित ध्यान ( सरल ध्यान ) 

इस प्रकार के ध्यान को सरल ध्यान भी कहा जाता है इसको करने की विधि बहुत ही सरल और आसान है इसमें हमें यह करना होता है कि अपनी सांसो पर ध्यान केंद्रित करना होता है हम एक ही चीज पर एकाग्र रहते हैं तथा उसी में हम कई देर तक बंधे रहते हैं ।

  1. मंत्र ध्यान

इस ध्यान में मंत्रों के द्वारा मन को स्थिर रखा जाता है तथा इस प्रकार के ध्यान में पूर्ण रूप से मंत्रों का उपयोग होता है इसीलिए इसे मंत्र ध्यान कहते हैं ।

  1. बॉडी स्कैन ध्यान

इस प्रकार के ध्यान में हमें पूरे शरीर में जो गतिविधियां होती है उस पर अपना ध्यान केंद्रित करना होता है यह ध्यान हमारी शरीर की गतिविधियों के द्वारा संपन्न होता है इसीलिए से बॉडी स्कैन ध्यान कहते हैं ।

  1. कार्य करने के द्वारा ध्यान 

कुछ बुद्धिजीवियों ने कहा है कि हम कोई भी एक कार्य करते समय भी ध्यान कर सकते हैं अगर हमारा पूरा ध्यान पूरा मन अगर उस काम में लगा रहता है उसमें तल्लीन रहता है तो हम उसके द्वारा ध्यान कर रहे होते हैं तथा यह आधुनिक ध्यान का प्रकार है |

ध्यान क्यों करना चाहिए

आपको ध्यान क्यों करना चाहिए पहला ध्यान करने से आपका मन शांत स्थिर तथा एकाग्रता युक्त बनता है यह कहीं और नहीं भटकता है आप जो भी काम करते हैं उसमें आपका मन लगता है ध्यान करने से आंतरिक शांति प्राप्त होती है ज्ञान से हम अपने लक्ष्य से नहीं भटकते हैं ध्यान करने से हमें निर्णय लेने में मदद मिलती है तथा निर्णायक शक्ति बढ़ती है इसीलिए आपको ध्यान करना चाहिए |

हमें ध्यान कब और कितनी देर करना चाहिए |

देखा जाए तो ज्यादातर लोग सुबह जल्दी ध्यान करते हैं बजाय रात के सुबह इसलिए करते हैं क्योंकि हमारी बॉडी एनर्जी से भरी होती है तथा हमें जल्दी सुबह कोई नकारात्मक विचार नहीं आते हैं तथा एकाग्रता बनी रहती है तथा ध्यान करने में हमें कोई बाधा या कोई अर्चन नहीं होती है |

अगर आप ने अभी अभी ध्यान करना शुरू किया है या करते हैं तो आपको शुरुआत में 5 से 7  मिनट ध्यान करना चाहिए तथा लक्ष्य बनाना चाहिए कि आप इस टाइम को और ज्यादा बढ़ाएंगे और धीरे-धीरे आप इस समय को बढ़ाकर 15 से 30 मिनट कर सकते हैं इसमें आप इतनी ज्यादा गहराई में चले जाएंगे कि आपका मन एकदम स्थिर रहेगा ।

ध्यान कैसे करें ( how to meditate in Hindi )

ध्यान करने के बहुत सारे तरीके हैं यहां पर आपको सरल और सहज तरीके बताएं जो आपके लिए बहुत ही आसान है आप इन्हें जल्दी समझ जाएंगे तथा अमल में ला पाएंगे ।

सबसे पहले आपको अपना समय तय कर लेना है उसके बाद एक ऐसा स्थान जहां पर शांति हो अर्थात शांत माहौल वाले जगह पर जाने के बाद नीचे कुछ बिछाकर उस पर बैठ जाए अपना मेरुदंड सीधा रखें प्राणायाम की मुद्रा में बैठ जाए तथा अपनी आंखों को बंद कर ले । अब अपनी सांसों को धीरे दिए ले तथा अपनी सांसों को अंदर महसूस करें फिर एक केंद्र बना ले उसी केंद्र पर अपना मन स्थिर कर ले जब तक मन थी ना हो तब तक उसी एक केंद्र पर ध्यान करते रहे जितना हो सके उतना अपना मन विचलित ना करें । इसी क्रिया को कुछ समय के लिए दोहराते रहे जब तक कि यह संपन्न ना हो जाए |

विशेष- अगर आप मंत्र का ध्यान करना चाहते हैं तो उसमें अपनी सांसो के द्वारा मंत्रों का उपयोग करें तथा उन मंत्रों के द्वारा ध्यान करें अपने ध्यान को उन मंत्र के साथ जोड़ ले जो आप बोलने वाले हैं ध्यान में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला मंत्र है इसका भी इस्तेमाल आप कर सकते हैं । 

अब आप ध्यान करने की विधि समझ गई अब आप इससे रोजाना जल्दी इसी प्रक्रिया को दोहराएं और अपने समय को धीरे धीरे बढ़ाते जाए यही आपके लिए लाभदायक है ।

ध्यान करने की सावधानियां :-  

  • याद रखें कि आपको बिस्तर पर या आराम दायक चीजों पर कभी ध्यान नहीं करें। इससे आपको आलस आता है तथा ठीक से आप ध्यान नहीं कर पाते है। 
  • शोरगुल वाले माहौल में कभी ध्यान ना करें 
  • अपने शरीर को खुला और आरामदायक रखकर ही ध्यान करें 
  • कभी भी जोश जोश में ध्यान ना करें
  • अगर मंत्र के द्वारा ध्यान करते हैं तो मंत्रों को अत्यधिक जोर से नाम बोले।
  • सिर्फ आंखों को बंद कर लेने से ध्यान नहीं होता ध्यान को महसूस करें तथा मन को स्थिर रखें।
  • ध्यान को कभी भी दिन में ना करें तथा सुबह जल्दी रात को ही करें। 
  • एक बार ध्यान करने की क्रिया में अगर आप बैठ गए तो फालतू के विचारों को नहीं सोचना है।
  • ध्यान करते समय आंखों पर अत्यधिक बल ना दें ।
  • ध्यान करते समय अपने शरीर को स्थिर रखें अर्थात हिलाए – डूलाई  नहीं ।
  • ध्यान करने का उद्देश्य मन को स्थिर तथा शांत करना होता है तो यही करें।

ध्यान करने के लाभ:-

ध्यान करने के बहुत सारे लाभ है और कुछ गिने-चुने और सबसे ज्यादा लाभ जो नीचे बताए गए हैं – 

  1. ध्यान करने से आंतरिक शांति मिलती है।
  2. ध्यान करने से हम ज्यादा रचनात्मक बनते हैं
  3. ध्यान करने से हमारा मन विचलित नहीं होता।
  4. ध्यान से हमारी एकाग्रता शक्ति बढ़ती है
  5. ध्यान से हम ज्यादा गहराई से सोच सकते हैं।
  6. ध्यान करने से हमारा मन अच्छे कामों में लगता है 
  7. ध्यान करने से हम में काम के प्रति एक लगन विकसित होती है। 
  8. ध्यान करने से हम अपने क्रोध को कम कर सकते हैं। 
  9. ध्यान से हम आकर्षित बनते हैं 
  10. ध्यान से हम ज्यादा अच्छे निर्णायक बनते हैं
  11. ध्यान करने से हम फालतू की चीजों से प्रभावित नहीं होते हैं ।
  12. ध्यान करने से हमारा मन तनाव रहित रहता है। 
  13. हम भावनात्मक मजबूत बनाते हैं 
  14. हम स्व-जागरूकता बढ़ती है।
  15. हम आत्मविश्वास से भर जाते हैं।
  16. सकारात्मक ऊर्जा हमारे अंदर आने लगती है।
  17. ध्यान हमें दयालु बनाता है ।
  18. हम मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं तथा याददाश्त बढ़ती है। 
  19. ध्यान हमारी नींद में सुधार करता है तथा बुरी आदतों से हमें बचाता है।
  20. किसी भी शारीरिक दर्द को कम करता है तथा ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक होता है।

ध्यान करने से नुकसान :-

वैसे अगर देखा जाए तो ध्यान करने से कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन अगर हम ध्यान करते वक्त कुछ सावधानियां नहीं रखते हैं तो हमें थोड़ा बहुत नुकसान हो सकता है इसीलिए जो आपको ऊपर सावधानियां बताइए उसे अच्छे से याद रखें और उसके बाद ही आप ध्यान करें ।

निष्कर्ष:- 

आज हम ने ध्यान कैसे करें इस विषय को पूरी जानकारी के साथ जाना है कि ध्यान करने से हमें क्या फायदे हैं हमने ध्यान करने से जुड़ी वह सारी बातें यहां पर शामिल करी है जो महत्वपूर्ण और उपयोगी है अगर और कोई अगर बात छूट गई हो या हमसे भूल हो गई हो तो हमें कमेंट जरूर करें मुझे पूरी उम्मीद है कि आज कि इस post से आपको कुछ ना कुछ नया सीखने को मिला होगा यह post आपको बहुत उपयोगी लगी होगी इस Post को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

ध्यान कैसे करें FAQ –

  1. शुरुआती के लिए ध्यान कैसे करें?

Ans – ध्यान कैसे करें सबसे पहले आपको एक शांत माहौल का चयन करना है उसके बाद आप कुछ सावधानियों को ध्यान में रखकर प्राणायाम की मुद्रा में बैठे अपने हाथों को अपने दोनों घोड़ों के पास ले जाए अपने एक अंगूठे से एक पहली उंगली को टच करके रखें फिर अपने शरीर को ढीला छोड़ दें आराम से सांस लीजिए धीरे-धीरे सांस को महसूस करें जो भी विचार आ रहे हैं दिमाग में उन सभी पर ध्यान ना दें अपना पूरा ध्यान एक ही चीज पर लगा दे तथा यह प्रक्रिया निरंतर करते रहे ।

  1. ध्यान करते समय हमें क्या सोचना चाहिए?

Ans – हमारा ध्यान करने का उद्देश्य ही यह है कि अपने मन को एक जगह स्थिर रखना से हमारा मन शांत रहे आप जब भी ध्यान कर ले बैठे उस समय याद रखें कि आपको अपने मन को एक जगह केंद्रित करना है जिसे कोई भी विचार आपके दिमाग पर नहीं आए और आप अपने मन को नियंत्रित कर सकते हैं।

  1. ध्यान करने का सही तरीका क्या है?

Ans – जब आप एक शांत माहौल में बैठते हैं और उसके बाद आपको अपनी सांसो पर नियंत्रित कर अपना ध्यान एक स्थिर जगह पर लगाना है जिससे हमारा मन कहीं विचलित ना हो और हमारे मन में आ रहे विचार हम पर हावी तथा हम इन पर नियंत्रण रख पाए तो ध्यान करने का सही तरीका है अपने मन को स्थिर कर एक चीज पर ध्यान केंद्रित करना है।

  1. ध्यान की गहराई में कैसे जाएं?

Ans – जब आप ध्यान को निरंतर करते हैं इसका समय आप धीरे धीरे बढ़ाते जाते ही तब आप इसकी गहराई में धीरे-धीरे उतरते जाते हैं और आपको इसके गहराई का पता चलता जाता है यही एक सरल रास्ता है जिससे होकर आप ध्यान की गहराई में जा सकते हैं ।

  1. ध्यान कितनी देर तक करना चाहिए?

Ans – आपको शुरुआती दौर में ध्यान 5 मिनट से 7 मिनट तक करना चाहिए और यह समय आपको धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए जिससे आप ध्यान की गहराई में जा सके और वहां पर आपको आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है । 

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